VOSTOK 2018: तीन लाख सैनिक, 36000 टैंक, दुनिया का सबसे बड़ा युद्ध अभ्यास

रूस शीत युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास ‘VOSTOK 2018’ करने जा रहा है।यूराल पर्वत क्षेत्र में होने वाले बड़े सैन्य अभ्यास के लिए तैयारिया पूरी हो गई हैं।13 से 17 सितंबर 2018 तक चलने वाले अभ्यास के जरिए रूस पश्चिमी देशों को अपनी ताकत दिखाना चाहता है।वोस्तोक-2018 में रूसी सेना, वायु सेना और नौसेना से इकाइयों की भागीदारी शामिल होगी।300,000 से अधिक सैनिक, 36,000 टैंक, बख्तरबंद कर्मियों के वाहक, बख्तरबंद पैदल सेना वाहन, 1000 से अधिक सैन्य विमान, दो नौसेना बेड़े और इसकी सभी एयरबोर्न इकाइयां इस सैन्य अभ्यास में भाग लेंगी।चीन और मंगोलिया भी वोस्टोक 2018 में भाग लेंगे।

चीन और मेगोलिया
चीन और मंगोलिया VOSTOK 2018 में भाग लेने की योजना बना रहे हैं, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी 3200 सैनिकों को भेजकर, 900 से अधिक भूमि उपकरण और 30 विमान चीनी भागीदारी चीनी-रूसी सैन्य संबंधों को सुधारने के साथ-साथ अपनी सीमा के पास सैन्य अभ्यास के बारे में चीनी चिंता को रोकने के लिए है।

चीन के साथ मजबूत दोस्ती का संकेत
रूस इस अभ्यास में चीन को शामिल करके दुनियाभर को अपनी नई दोस्ती के बारे में बताना भी चाहता है।

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नाम का मतलब:
रूसी, अभ्यास देश के विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाते हैं औरअगर वो रूस के East में होता है तो उन्हें “वोस्टोक”, जिसका शाब्दिक अर्थ है “पूर्वी”बोलते है। West में होता है तो “जापद”, शब्दशः “पश्चिम” नाम दिया गया है।

37 साल पहले हुआ था ऐसा अभ्यास
रूस ने 37 साल पहले यानी की 1981 में इतना बड़ा सैन्य अभ्यास किया था।उसका नाम ZAPAD 81 (पश्चिम-81) था।जिसमें 100,000 से 150,000 सैनिक शामिल थे। पिछले साल रूस ने बेलारूस के साथ जापाद-2017 युद्धाभ्यास का आयोजन किया था। इस सैन्य अभ्यास में 12,700 सैनिकों ने हिस्सा लिया था।

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इस युद्धाभ्‍यास को लेकर यूरापीय देशों सेमत NATO ने भी कड़ी नाराजगी व्‍यक्‍त की है. यूरोपीय संघ का कहना है कि यह युद्धाभ्‍यास नाटो को लक्ष्य बनाकर किया जा रहा है. नाटो ने इस युद्धाभ्‍यास को पश्चिम लोकतंत्र के लिए भी खतरा माना है. रूसी समाचार एजेंसियों के अनुसार, रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू ने कहा, ‘यह कुछ-कुछ जापाद-81 जैसा ही होगा, बल्कि यह उससे भी बड़ा होगा.’वहीं उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) भी ‘Trident Juncture 18’ नामक युद्धाभ्यास से रूस को जवाब देने की तैयारी में है।

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US और रूस में तनाव
आपको बता दें कि पिछले दिनों अमेरिका से रूस के 60 राजनयिकों को देश से निकाल दिया था और रूस का वाणिज्य दूतावास बंद कर दिया था. रूस ने भी इस कार्रवाई का कड़ा जवाब देते हुए अपने देश से अमेरिका को 60 राजनयिकों को निकाल दिया है.अमेरिका से निष्कासित किए गए 60 लोगों में से 12 संयुक्त राष्ट्र में रूसी मिशन के खुफिया अधिकारी शामिल थे. उन पर अमेरिका में आवास के विशेषाधिकार का दुरुपयोग करने का आरोप है.

नए दौर का शीतयुद्ध
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने संयुक्त राष्ट्र में रूसी राजनयिकों को अमेरिका द्वारा निष्कासित किए जाने की घोषणा और नए दौर का शीतयुद्ध शुरू होने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘मैं वाकई बेहद चिंतित हूं. मेरा मानना है कि हम बहुत हद तक उसी तरह की स्थिति की ओर आ रहे हैं, जैसा शीत युद्ध के दौर में हमने जिया. हालांकि, दो बेहद महत्वपूर्ण अंतर हैं.’ गुतारेस ने कहा कि शीत युद्ध के दौर में दो महाशक्तियां थीं जिनका दुनिया के दो क्षेत्रों में हालात पर पूरा नियंत्रण था।

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