दो बैचमेट की कहानी : एक ओलिंपिक मेडल और मोदी सरकार में मंत्री, दूसरा कथित जासूस

पाकिस्तान में कथित जासूसी के आरोप में गिरफ्तार भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की कहानी अजीब है। कम ही लोग जानते होंगे कि कुलभूषण और ओलिंपिक विजेता केन्द्र सरकार में मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ दोनों बैचमेट रहे हैं। एक ओलिंपिक एथेंस में डबल ट्रैप स्पर्धा में रजत पदक विजेता और फिलहाल मोदी सरकार में मंत्री हैं, तो वहीं दूसरे को पाकिस्तान में कथित जासूसी के आरोप में फांसी की सजा मुकर्रर की गई है।

rajwardhan singh rathore
इस बात का खुलासा स्वयं मंत्री राठौड़ ने की है। उन्होंने बताया कि 1987 जाधव राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में हमारे बैचमैट थे। इंडिया टूडे से बातचीत में केन्द्रीय मंत्री ने बताया, “हम एनडीए में बैचमैटेट थे। इसलिए इस मुद्दे पर बात करना मेरे लिए अनुचित होगा। लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि भारत सरकार पाकिस्तान को इस कदम से रोकने के लिए हर संभव राजनयिक और अन्य कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे को उचित प्लेटफॉर्म पर ले जा रही है।
मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस मुद्दे पर लोकसभा में बात नहीं करने का फैसला किया है, हालांकि वह विशेष रूप से चिंतित दिखाई दिए।

कुलभूषण जाधव ने साल 1987 में एनडीए ज्वाइन की थी। साल 1991 में भारतीय नौसेना की इंजीनियरिंग शाखा में उन्हें नियुक्त किया गया था। 14 साल की सेवा के बाद, उन्होंने ईरान के चाबहार में एक छोटा सा व्यापार स्थापित करने के लिए रिटायरमेंट ले ली, जहां से वह पाकिस्तानी एजेंसियों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया था।

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