कौन है DRDO का निशांत अग्रवाल जिसने पाकिस्तान के लिए की जासूसी और पहुंचाई सीक्रेट इन्फॉर्मेशन

भारत की डिफेंस टेक्नोलॉजी में पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) की घुसपैठ देखने को मिली है, जिससे सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक मानी जा रही है। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश एटीएस ने ज्वॉइंट ऑपरेशन के तहत सोमवार को डीआरडीओ के नागपुर ब्रांच से निशांत अग्रवाल को गिरफ्तार किया, जो लंबे समय से भारत की डिफेंस टेक्नॉलोजी से जुड़ी सीक्रेट इन्फॉर्मेशन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी तक पहुंचाने का काम कर रहा था। निशांत अग्रवाल डीआरडीओ के ब्रह्मोस यूनिट में एक इंजीनियर के रूप में काम कर रहा था।

कई जगहों अच्छी जगहों पर काम कर चुका जासूस निशांत

निशांत अग्रवाल का फेसबुक अकाउंट खंगालने के बाद पता चलता है कि वह कई अच्छी जगहों से एजुकेशन लेने के बाद डीआरडीओ तक पहुंचा है। निशांत के फेसबुक अकाउंट के मुताबिक वह उत्तराखंड के रुड़की का रहने वाला है, जिसने एनआईटी कुरुक्षेत्र से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके अलावा उसने आईआईटी रुड़की में इंटर्न के रूप में रिसर्च, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के टेक्निकल डिपार्टमेंट में इंटर्न रिसर्च और टेक्निकल यूनिवर्सिटी देहरादून में भी उसने इंटर्न के पद पर रहकर रिसर्च किया है। निशांत के फेसबुक से पता चलता है कि वह वर्तमान में ब्रह्मोस एयरोस्पेस में सीनियर सिस्टम इंजीनियर के रूप में काम कर रहा था।

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निशांत को पिछले महीने मिला था ‘यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड’

निशांत अग्रवाल को पिछले महीने यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड 2017-18 से भी नवाजा गया था। निशांत ने अपने फेसबुक पेज अवॉर्ड प्राप्त करते हुए एक फोटो भी सोशल मीडिया पर शेयर की है। अवॉर्ड लेते हुए निशांत ने अपने फेसबुक पर लिखा, ‘ब्रह्मोस ने अपने 20 सुपरसोनिक साल खत्म किए हैं, मुझे डीआरडीओ के सेक्रेटरी डिफेंस और चेयरमैन ने यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से नवाजा है।’ निशांत अग्रवाल पिछले चार सालों से डीआरडीओ में काम कर रहे था।

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पैसों के लिए की देश के खिलाफ जासूसी

नागपुर में ब्रह्मोस एयरोस्पेस का हेडक्वार्टर है, जहां सेना के लिए ब्रह्मोस मिसाइलें तैयार होती है। निशांत अग्रवाल इसी हेडक्वार्टर में बैठकर देश की सुरक्षा से जुड़ी सीक्रेट इन्फॉर्मेशन पाकिस्तान को दे रहा था। फिलहाल, एटीएस ने निशांत का लेपटॉप और मोबाइल जब्त कर लिया है और अब जांच की जा रही है कि वह कब से आईएसआई की जासूसी कर रहा था और उसने अब तक किस प्रकार की गुप्त सूचनाएं पाकिस्तान पहुंचाकर देश की सुरक्षा में सेंध डालने का काम किया है। अभी तक शुरुआती जांच में यही पता चल पाया है कि निशांत ने पैसों के खातिर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी की थी।

Nishant Agrawal DRDO Case Study

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