JNU की स्टूडेंट थीं भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन, जानिए उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

कर्नाटक से राज्यसभा सांसद निर्मला सीतारमण को आजादी के बाद पहली बार देश की पहली फुल टाइम रक्षा मंत्री बनाया गया है। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर ऑफ स्टेट से प्रमोट कर निर्मला को यह मंत्रालय दिया गया है। सीतारमण ने 6 सितंबर को जेटली से डिफेंस मिनिस्ट्री का चार्ज लिया था।बता दें कि इनसे पहले प्रधानमंत्री रहते हुए इंदिरा गांधी दो बार इस मंत्रालय का जिम्मा संभाल चुकी हैं।
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महिला आयोग की मेंबर… 
– दरअसल, उनका प्रमोशन बीजेपी की तमिलनाडु में सीधे एंट्री की कोशिश और पार्टी में उनके बढ़ते कद का संकेत भी है।
– अब वे पार्टी की फायरब्रांड सुषमा स्वराज, उमा भारती और स्मृति ईरानी को पीछे छोड़ सबसे ताकतवर महिला मंत्री भी बन गई हैं।
रेलवे में थे पिता
– 18 अगस्त 1959 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में  निर्मला सीतारमण का जन्म हुआ था।
– निर्मला के पिता रेलवे में थे। जल्दी- जल्दी ट्रांसफर होता रहा।
– इस कारण निर्मला ने स्कूली जीवन में ही तमिलनाडु का बड़ा हिस्सा देख लिया।
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JNU से पढ़ाई
– इसी बीच सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से ग्रेजुएशन कर खत्म करके वे दिल्ली आ गईं।
– मास्टर्स के लिए JNU में दाखिला लिया। यहां टेक्सटाइल ट्रेड में एमफिल किया।
– इसी दौरान स्टूडेंट यूनियन के चुनाव के लिए फ्री थिंकर्स के साथ जुड़ गईं। यहीं उनकी मुलाकात आंध्र प्रदेश के परकल प्रभाकर से हुई दोनों ने 1986 में शादी कर ली।
लंदन में रहने चली गईं
– दिल्ली के बाद निर्मला और प्रभाकर ब्रिटेन चले गए।
– प्रभाकर जब लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीएचडी कर रहे थे तब निर्मला हैबिटेट कंपनी में सेल्स गर्ल की थीं।
– पर जल्दी ही वे नौकरी छोड़कर प्राइसवॉटरहाउस कूपर्स के साथ सीनियर मैनेजर के तौर पर जुड़ गईं। 1991 में दोनों स्वदेश लौट आए।
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बेटी को जन्म दिया
– निर्मला ने 1991 में ही बेटी को जन्म दिया। उन्हीं दिनों पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के कारण चेन्नई में तनाव था। इस कारण निर्मला को तीन दिन तक अस्पताल में ही रहना पड़ा।
– इसके बाद डॉक्टर ने अपनी गाड़ी में सफेद झंडा लगाकर उन्हें रेस्क्यू किया। भारत लौटने के बाद निर्मला और प्रभाकर हैदराबाद में बस गए।
– निर्मला शिक्षा के क्षेत्र में काम करने लगीं। 2003 से 2005 के बीच राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रहीं। 2006 में राजनीति में आ गईं। पर उन्होंने इसके लिए आसान की बजाय कठिन रास्ता चुना।
– उनकी सास और ससुर दोनों कांग्रेस विधायक रह चुके थे। ससुर तो मंत्री रहे थे। पर निर्मला ने 2006 में भाजपा ज्वाइन की।
– अगले साल उनके पति ने चिरंजीवी की प्रजा राज्यम पार्टी ज्वाइन की। पर जल्दी ही वे पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हो गए। फिलहाल वे आंध्र प्रदेश में सीएम चंद्रबाबू नायडू के कम्युनिकेशन एडवाइजर हैं।
इसलिए मिला अहम मंत्रालय
– निर्मला बहुत एनालिटिकल, गहरी सोच, मेहनती और काफी जानकार हैं। उन्हें अहम जिम्मेदारी देना का फैसला बहुत अच्छा है।
– निर्मला सीतारमन 2003 से 2005 तक राष्ट्रीय महिला आयोग की मेंबर रह चुकी हैं और बीजेपी की राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रह चुकी हैं।
– 2014 मोदी सरकार में निर्मला को कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर ऑफ स्टेट बनाया गया।

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