आखिर क्यों अभ‍िषेक गौतम ने अपनी पीठ पर कारगिल में शहीद हुए 577 जवानों के नाम सहित 585 टैटू गुदवाए, जानिए इस देशभक्त की पूरी कहानी

प्‍यार को जाहिर करने का हर किसी का अपना तरीका होता है। पत्‍नी, गर्लफ्रेंड, मां या परिवार का नाम तो बहुत से लोगों ने गुदवाया हुआ है। लेकिन एक शख्‍स ऐसा भी है, जिसने देश से प्‍यार और राष्‍ट्र के प्रति अपनी भक्‍त‍ि को जाहिर करने के लिए अपनी पीठ पर शहीदों का नाम गुदवाया हुआ है। जी हां, अभ‍िषेक गौतम ने अपनी पीठ पर कारगिल में शहीद हुए 577 जवानों के नाम सहित 585 टैटू गुदवाए हुए हैं। इसके लिए उन्‍होंने एक हफ्ते तक 6-6 घंटे सुई की चुभन और असहनीय दर्द को बर्दाश्‍त किया है।

इंटीरियर डिजाइनर और लेखक हैं अभ‍िषेक

अभ‍िषेक 30 साल के हैं और इंटीरियर डिजाइनर और लेखक हैं। वह कहते हैं, एक दिन मुझे महसूस हुआ कि हमारे जवान मातृभूमि से इतना प्यार करते हैं कि इसके लिए जान न्यौछावर करने में भी पीछे नहीं रहते। वो घर से दूर हमारी रक्षा में तैनात रहते हैं। लेकिन बावजूद इसके कभी उन्‍हें देशवासियों से ही पत्‍थर भी झेलने भी पड़ते हैं। ऐसे में मेरी इच्‍छा हुई कि ऐसे हीरोज को अपनी ओर से इससे बेहतर श्रद्धांजलि नहीं हो सकती।

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पीठ पर महापुरुषों के नाम,

इंडिया गेट भीअभ‍िषेक 8 दिन तक रोजाना 6 घंटे टैटू स्‍टूडियो में बैठे। शरीर को काफी दर्द हुआ। बुखार भी आ गया, लेकिन मन में ठान लिया था। उनकी पीठ पर 577 शहीदों के नाम के साथ ही कई महापुरुषों के नाम, चित्र, इंडिया गेट और शहीद स्मारक भी बने हुए हैं।

यूपी के हापुड़ के रहने वाले हैं अभ‍िषेक

अभ‍िषेक यूपी के हापुड़ के रहने वाले हैं। शहीदों के प्रति उनका जुनून इस कदर है कि उन्‍होंने शहीदों के परिवारों से मुलाकात भी की। वह बाइक से सैकड़ों किमी की यात्रा कर देश के कोने-कोने में जा रहे हैं और शहीदों की फैमिली से मिलकर अपनी ओर से श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे हैं।

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शहीदों के किस्‍से सुनना-सुनाना और प्रेरणा

अभ‍िषेक कहते हैं, शुरुआत में मैं शहीदों के घर के पता लगाकर वहां पहुंचता था। लेकिन अब मुझे अन्‍य शहीदों के घर और गांव से बुलावा आता है। वहां पहुंचकर बच्‍चों से लेकर बाकी लोगों के साथ बैठक शहीदों कि किस्‍से कहना और सुनना अच्‍छा लगता है। गांव वाले और बच्‍चे इससे मोटिवेट होते हैं।

अभ‍िषेक शहीदों के परिवार से मिलकर उन्‍हें एक मोमेंटो भेंट करते हैं। अभ‍िषेक को अब स्‍कूलों से लेकर कई कार्यक्रमों में बुलाया जाता है, ताकि लोग और बच्‍चे देशभक्‍त‍ि की सीख ले सकें।

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अभिषेक की फेसबुक प्रोफाइल: पंडित अभिषेक गौतम नाम से है

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