राफेल से पहले कितने फाइटर प्लेन की डील हुए है, भारत सरकार और डसाल्ट एविएशन के बीच

हर तरफ राफेल डील को लेकर चर्चा जारी है।भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस का एक दूसरे के ऊपर आरोप लगाना का सिलसिला अभी तक रुका नहीं। अब जबकि 36 राफले लड़ाकू विमानों को खरीदने का सौदा बहुत सी हेडलाइंस बना चुका है और बहुत सारे विवादों से भी घिरता चला जा रहा है।यह पहला मौका नहीं है जब भारत ने डेसॉल्ट एविएशन से लड़ाकू विमान खरीदने का सौदा किया हो, इससे पहले डेसॉल्ट एविएशन ने इन विमान की डील भारत के साथ कि है इनमें तूफानी, मिस्टेर IV, जगुआर और मिराज 2000 शामिल हैं।

तूफानी/Toofani पहला डैसॉल्ट एविएशन एयरक्राफ्ट, टोफानी की डील 1953 में भारत द्वारा किया गया था। मार्च 1954 में 71 Ouragans(Toofani) को अतिरिक्त 33 सेकेंड हैंड के साथ भारत को आपूर्ति की गई थी, Toofani विमान की कुल संख्या 104 थी ।तूफानी का इस्तेमाल लगभग 15 वर्षों तक आईएएफ द्वारा किया गया था।जैसा कि ‘बैपटिज्म अंडर फायर’ (Baptism by Fire) पुस्तक में उल्लिखित है, तोफानी का इस्तेमाल 1961 में गोवा के मुक्ति युद्ध (liberation war) और 1962 में चीन-भारत युद्ध के दौरान पुनर्जागरण मिशन( reconnaissance missions) करने के लिए किया गया था।

mystere IV- militarygyan

Mystere IVAs 1957 में आईएएफ ने “Mystere IVAs” की डील कि, और तूफानी फाइटर के साथ Mystere IVAs का भी इस्तेमाल करने लगा । Mystere IVAs आईएएफ का पहला “सुपरसोनिक-इन-ए-डाइव” (supersonic-in-a-dive) विमान था। 110 Mystere IVAs को 1957 से आईएएफ में शामिल किया गया था और पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान जमीन पर हमले की भूमिका में इसने बहुत साथ दिया। Mystere IVAs ने 1973 तक आईएएफ को अपनी सेवा दी।

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Alize militarygyan deal of rafale
Alize

एलाइज/Alize: 1960 में 12 Breguet Br-1050 ALIZE ASW टर्बोप्रॉप विमान की डील हुई।

Jaguar deal between india and rafale
Jaguar

जैगुआर/Jaguar: 1978 में इंडियन एयरफोर्स ने 40 जगुआर फाइटर प्लेन के डील की और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) में 120 जगुआर विमान बनाने का लाइसेंस भी लिया।जुलाई 1979 में पहले बैच के तहत अस्थायी रूप से दो जगुआर स्वीकार किए लेकिन HAL में अपनी खुद की उत्पादन लाइन स्थापित करना शुरू कर दिया। वायु सेना प्रौद्योगिकी वेबसाइट का कहना है कि 40 जगुआर के दूसरे बैच की डिलीवरी 1981 में शुरू हुई थी, जबकि तीसरे बैच में 45 विमानों की असेंबली किट शामिल थीं। आईएएफ ने 1999 में 17 जगुआर और 2001 और 2002 के बीच 20 और विमान लिया।

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deal between indian and dassault aviatation
Mirage 2000

मिराज 2000/Mirage 2000: 1982 और 1986 के बीच आईएएफ ने कुल 42 सिंगल सीट(H) और 7 ड्यूल सीट (TH) मिराज 2000 विमान, कुछ समय बाद 10 और (4H और 6TH) डील कि। 2015 में कंपनी ने, अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस के रूप में डेसॉल्ट रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड के साथ करार किया । कंपनी ने जोर देकर कहा कि यह भारत में एयरो-डिफेंस विनिर्माण ईको-सिस्टम बनाने की दिशा में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि देश को वैश्विक एयरोस्पेस बाजार में अंतर्राष्ट्रीय सप्लायर संदर्भ के रूप में स्थापित किया जा सके।

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